Treandingबसना

गढ़गांव – ट्रायसिकल मिलने से दिव्यांग छात्र हरिश के लिए आसान हुई स्कूल की राह कहा- अब एक भी दिन छुट्टी नहीं

गढ़गांव के कक्षा 7वीं का छात्र हरिश बरिहा अब आत्मविश्वास से खुद आएगा स्कूल

बसना(गढ़गांव): दूरस्थ अंचल के उच्च प्राथमिक शाला गढ़गांव, संकुल बिरनडबरी में कक्षा सातवीं में पढ़ने वाले छात्र हरिश कुमार बरिहा, जो कन्हैया लाल बरिहा के पुत्र हैं, एक दिव्यांग विद्यार्थी हैं। चलने-फिरने में कठिनाई के कारण उन्हें हर दिन विद्यालय आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
पहले, हरिश अकेले स्कूल नहीं आ पाते थे। उनके पिता कन्हैया लाल बरिहा रोज़ाना लगभग एक किलोमीटर दूर से उन्हें विद्यालय छोड़ने और लेने आते थे। इस कारण, जिस दिन पिता किसी जरूरी काम में व्यस्त होते थे, उस दिन हरिश की पढ़ाई छूट जाती थी और वह स्कूल नहीं आ पाता था।
दिव्यांग छात्र की इस समस्या को देखते हुए, समाज कल्याण विभाग, जनपद पंचायत बसना ने हरिश को ट्रायसिकल उपलब्ध कराई है। ट्रायसिकल मिलने से हरिश अब स्वयं स्कूल आ-जा सकता है, जिससे उसकी शिक्षा की राह आसान हो गई है।
ट्रायसिकल मिलने पर हरिश कुमार बहुत प्रसन्न हैं। उनके साथ-साथ उनके पालक (माता-पिता), स्कूल के सभी छात्र-छात्राएं और विद्यालय स्टाफ भी बहुत खुश हैं। अब हरिश बिना किसी बाधा के नियमित रूप से विद्यालय आ सकेंगे। हरीश ने कहा कि अब एक दिन भी मेरा छुट्टी नहीं होगा और मैं पढ़ाई से वंचित नहीं रहूंगा,हरिश को ट्रायसिकल मिलने पर उनके पालक कन्हैया लाल बरिहा और प्रभारी प्रधान पाठक राजेश कुमार पटेल ने शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया है और समाज कल्याण विभाग को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उनका मानना है कि इस पहल से न केवल हरिश की शिक्षा जारी रहेगी, बल्कि उसमें आत्मनिर्भरता की भावना भी बढ़ेगी। यह सहयोग अन्य दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।

Back to top button
ताज़ा खबरें