छत्तीसगढ़ में 3 नवंबर से बड़े आंदोलन की तैयारी: 12 नवंबर तक मांगें पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी!

महासमुंद (छत्तीसगढ़)। आगामी धान खरीदी सत्र से ठीक पहले, छत्तीसगढ़ में जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ और समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ ने अपनी चार सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर संभाग स्तरीय ज्ञापन, धरना, रैली और प्रदर्शन की घोषणा की है। यह आंदोलन दिनांक 03/11/2025 से अनिश्चितकालीन होगा, जिससे राज्य में धान खरीदी सहित सहकारिता से जुड़े अन्य कार्य बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
छत्तीसगढ़ के जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे 12 नवंबर तक संभागीय स्तर पर हड़ताल जारी रखेंगे, और यदि 12 तारीख तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रदेश स्तरीय अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।हालांकि पिछले कुछ दिनों में 24 अक्टूबर को जिला स्तरीय व 28 अक्टूबर को संभाग स्तरीय 1 दिवसीय धरना प्रदर्शन हो चुका है शासन से कुछ भी आश्वासन नहीं मिलने पर 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दे दी गयी है।
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ, जिसका पंजीयन क्रमांक 6685 रायपुर है, के बैनर तले महासमुंद (छ.ग.) में यह बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। संघ से जुड़े कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। इस आंदोलन में मुख्य रूप से जिला महासमुंद, रायपुर, जिला बलौदाबाजार, जिला धमतरी और जिला गरियाबंद के कर्मचारी शामिल होंगे।
आंदोलन की प्रमुख 4 सूत्रीय मांगें:
कर्मचारी संघ ने सरकार के सामने अपनी लंबित और महत्वपूर्ण 4 मांगों को रखा है
1. वेतन अनुदान की मांग: मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी प्रदेश की 2058 सहकारी समिति कर्मचारियों के वेतनमान व अन्य सुविधाएं देने हेतु प्रति वर्ष प्रत्येक समिति को 3-3 लाख रुपये प्रबंधकीय अनुदान राशि जारी की जाए। |
2. सेवानियम में संशोधन: सेवानियम 2018 की आंशिक संशोधन करते हुए पुनरीक्षित वेतनमान लागू किया जाए। |
3 धान खरीदी में लाभ-वृद्धि: समर्थन मूल्य धान खरीदी वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 में धान परिवहन पश्चात् हुई संपूर्ण सुखत मूल्य दिया जाए। साथ ही, सुरक्षा व्यय, प्रशासनिक व्यय, कमीशन, बारदाना, बीज, उर्वरक, फसल बीमा आदि की 4 गुना बढ़ोतरी हो। तथा राशन वितरण पर प्रति क्विंटल 500 ग्राम क्षतिपूर्ति / 5000/- रु. दी जाए। |
4 कंप्यूटर ऑपरेटरों का नियमितीकरण: धान खरीदी नीति वर्ष 2024-25 में वर्णित कंडिका क्रमांक 11.3.3 आउटसोर्सिंग द्वारा कंप्यूटर ऑपरेटर के नियोजन को विलोप कर विभाग तय करते हुए नियमितीकरण किया जाए। |

हड़ताल का संभावित असर:
सहकारी समिति कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर संघ की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से प्रदेश की सहकारिता व्यवस्था और आगामी धान खरीदी पर गंभीर असर पड़ सकता है:
धान खरीदी में बाधा: 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल होने के कारण धान खरीदी के पंजीयन, बारदाना व्यवस्था, उपार्जन केंद्रों की तैयारी और वास्तविक खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो सकती है।
किसानों को परेशानी: किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, खाद, बीज, दवाई और अन्य कृषि सुविधाओं के लिए भटकना पड़ सकता है, क्योंकि समितियों में कार्य पूरी तरह बंद रहेगा।
राशन वितरण प्रभावित: सहकारी समितियों द्वारा संचालित राशन वितरण का कार्य भी प्रभावित होगा, जिससे गरीबों को चावल, शक्कर और नमक जैसी आवश्यक वस्तुएं मिलने में दिक्कतें आ सकती हैं।

सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, यह आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य के शुरू होने से पहले सरकार इस बड़े आंदोलन पर क्या रुख अपनाती है।

