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जगदलपुर जेल में फिर हुई बंदी की मौत, 10 दिन में तीसरी घटना से उठे गंभीर सवाल
Another prisoner dies in Jagdalpur Jail; third such incident in 10 days raises serious questions.



जगदलपुर। केंद्रीय जेल जगदलपुर एक बार फिर बंदी की मौत की घटना को लेकर चर्चा में है। इस बार सजायाफ्ता बंदी सुधु कश्यप की उपचार के दौरान मौत हो गई। जानकारी के अनुसार उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने अंतिम सांस ली।
10 दिनों में तीन मौतों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
केंद्रीय जेल जगदलपुर में बीते 10 दिनों के भीतर तीन बंदियों की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं और बंदियों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक के बाद एक हो रही मौतों से जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पहले की दो मौतें भी बनी थीं चर्चा का विषय
इससे पहले भी जेल में दो अन्य बंदियों की मौत हो चुकी है। इनमें एक बंदी के आत्महत्या करने की बात सामने आई थी, जबकि दूसरी मौत की परिस्थितियों की जांच अभी भी जारी है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने जेल के भीतर की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य सुविधाओं और निगरानी तंत्र पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही मौतों के बाद बंदियों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर चिकित्सा सुविधा और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेल प्रशासन पर बंदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी होती है, ऐसे में इन घटनाओं की गहन समीक्षा जरूरी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी मौत की वजह
सुधु कश्यप की मौत के मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
जांजगीर जेल में भी सामने आया था आत्महत्या का मामला
इधर, जांजगीर-चांपा जिले की खोखरा जिला जेल में भी हाल ही में एक बंदी की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था। दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार दुवास केंवट ने कथित तौर पर जेल के बाथरूम में कपड़े का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली थी। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी थी।
लगातार बढ़ रही घटनाएं बनीं बड़ी चुनौती
प्रदेश की विभिन्न जेलों में सामने आ रही बंदियों की मौत की घटनाओं ने जेल सुरक्षा, स्वास्थ्य प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इन मामलों की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
