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कोरबा के 20 गांवों में एक सप्ताह से पसरा अंधेरा, आंधी में टूटी 33 केवी लाइन, बिजली संकट से ग्रामीणों का जनजीवन बेहाल

Darkness has gripped 20 villages in Korba for a week after a 33 KV line snapped during a storm, leaving villagers in distress due to the power crisis.

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बिजली व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। लेमरू क्षेत्र के करीब 20 गांव पिछले एक सप्ताह से बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। तेज आंधी और खराब मौसम के दौरान बिजली लाइनें और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

आंधी ने बिगाड़ी व्यवस्था, मेन लाइन हुई ठप

हाल ही में आए तेज तूफान के दौरान कई बड़े पेड़ उखड़कर बिजली लाइनों पर गिर गए। इससे कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए और 33 केवी की मुख्य लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। लाइन टूटने के कारण कोरबा से आने वाली मुख्य बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई, जिसका असर पूरे इलाके पर पड़ा।

60 किलोमीटर दूर बसे गांवों में बढ़ी मुश्किलें

जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित लेमरू का कुटुरवा क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। लेकिन पिछले सात दिनों से बिजली गुल रहने के कारण यहां का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों को रात के समय सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और रोजमर्रा की जरूरतें बिजली के अभाव में प्रभावित हो रही हैं।

करीब 20 गांव अंधेरे में, लोगों का कारोबार भी प्रभावित

33 केवी लाइन क्षतिग्रस्त होने से नकिया, डोकरमना, लामपहाड़, चरईझुंझ, कापूडांड, सीलीभूड़, चिंगरखुदरी सहित लगभग 20 गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद है। शाम ढलते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। बिजली नहीं होने से जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने जल्द बहाली की उठाई मांग

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। हर बार तेज हवा या हल्की बारिश के बाद बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित हो जाती है। लोगों ने विभाग से स्थायी समाधान की मांग करते हुए जल्द से जल्द बिजली बहाल करने की अपील की है।

मरम्मत जारी, लेकिन राहत का इंतजार

बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें क्षतिग्रस्त खंभों और बिजली लाइनों की मरम्मत में जुटी हुई हैं। हालांकि, एक सप्ताह गुजरने के बाद भी सभी प्रभावित गांवों में बिजली बहाल नहीं हो पाई है। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि जल्द ही मरम्मत का काम पूरा होगा और उन्हें लंबे समय से चली आ रही इस परेशानी से राहत मिलेगी।

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