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छत्तीसगढ़ में कारोबारियों को बड़ी राहत, अब 24 घंटे में मिलेगा दुकान और प्रतिष्ठान पंजीयन प्रमाणपत्र

Major relief for businesspeople in Chhattisgarh: Shop and establishment registration certificates will now be issued within 24 hours.

 छत्तीसगढ़ : सरकार ने व्यापारियों, दुकानदारों और विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी सुविधा देते हुए पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और समयबद्ध बना दिया है। श्रम विभाग द्वारा 3 जून 2026 को जारी अधिसूचना के तहत छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) नियम, 2021 में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए प्रावधानों का उद्देश्य कारोबारियों को तेज और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना तथा विभागीय प्रक्रियाओं को आसान बनाना है।

ऑनलाइन आवेदन के 24 घंटे के भीतर मिलेगा प्रमाणपत्र

संशोधित नियमों के तहत अब नियोक्ता को ऑनलाइन आवेदन, आवश्यक दस्तावेज और ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करना होगा। आवेदन पूरा होने के बाद श्रम विभाग के वेब पोर्टल से 24 घंटे के भीतर श्रम पहचान संख्या सहित पंजीयन प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा। इससे पहले इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था, लेकिन अब इसे समयबद्ध सेवा के दायरे में लाया गया है।

कागजी प्रक्रिया खत्म, पूरी व्यवस्था हुई डिजिटल

नई व्यवस्था के अनुसार दुकानों और प्रतिष्ठानों का पूरा रिकॉर्ड अब श्रम विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर सुरक्षित रखा जाएगा। इससे कागजी कार्यवाही में कमी आएगी और रिकॉर्ड प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा। पोर्टल के माध्यम से जारी पंजीयन प्रमाणपत्र को पूरी तरह वैध माना जाएगा।

हालांकि आवेदन में गलत, भ्रामक या अधूरी जानकारी देने की स्थिति में उसकी पूरी जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी। सरकार ने स्व-घोषणा आधारित प्रणाली के साथ जवाबदेही भी तय की है।

दुकान में प्रमाणपत्र प्रदर्शित करना होगा अनिवार्य

नए नियमों के तहत प्रत्येक दुकान और प्रतिष्ठान संचालक को पंजीयन प्रमाणपत्र को प्रतिष्ठान के प्रमुख और स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इससे निरीक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया भी आसान होगी।

नाम, पता और व्यवसाय में बदलाव अब ऑनलाइन होंगे

यदि प्रतिष्ठान के नाम, पते, कर्मचारियों की संख्या, व्यवसाय की प्रकृति या साझेदारों की जानकारी में कोई बदलाव होता है तो अब उसके लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसका भुगतान ई-चालान के माध्यम से करना होगा। संशोधन आवेदन स्वीकृत होने के बाद नया प्रमाणपत्र भी 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन जारी कर दिया जाएगा।

नए प्रपत्र में देनी होगी अधिक जानकारी

सरकार ने पुराने प्रपत्र-2 को हटाकर नया प्रपत्र लागू किया है। इसमें पहले की तुलना में अधिक विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी। अब श्रम पहचान संख्या, प्रतिष्ठान का पूरा पता, ई-मेल, मोबाइल नंबर, व्यापार का प्रकार, संगठन की श्रेणी, ईएसआई और ईपीएफ पंजीयन विवरण, नियोक्ता और प्रबंधक की जानकारी, कर्मचारियों का वर्गवार ब्योरा तथा साप्ताहिक अवकाश जैसी जानकारियां दर्ज करनी होंगी।

पुराने नियम खत्म, नए प्रावधान हुए लागू

राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार नियम 4, नियम 5 और पुराने प्रपत्र-2 को पूरी तरह प्रतिस्थापित कर दिया गया है। यानी अब पुराने प्रावधान प्रभावी नहीं रहेंगे और सभी प्रक्रियाएं नए नियमों के अनुसार संचालित होंगी।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिलेगा बड़ा फायदा

श्रमायुक्त हिम शिखर गुप्ता के अनुसार यह बदलाव राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करेगा। ऑनलाइन पंजीयन, 24 घंटे की समय सीमा, स्व-प्रमाणन आधारित व्यवस्था और डिजिटल संशोधन प्रक्रिया से छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और सेवा क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

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