फसल बीमा कराने का मिला दूसरा मौका, अब 14 अगस्त तक कराएं खरीफ फसलों का बीमा

खरीफ फसल की सुरक्षा को लेकर किसानों के लिए राहत भरी खबर है। फसल बीमा (Crop Insurance Deadline) के तहत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ वर्ष 2026 के लिए बीमा कराने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 14 अगस्त 2026 कर दी गई है। पहले यह समय सीमा 31 जुलाई 2026 तक निर्धारित थी। जिले के ऋणी और अऋणी दोनों श्रेणी के किसान अब तय समय सीमा के भीतर अपनी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
सूखा-बाढ़ जैसी आपदाओं में मिलेगा सुरक्षा कवच
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है। योजना के तहत सूखा, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इन खरीफ फसलों का करा सकते हैं बीमा
किसान धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, उड़द, मूंग, कोदो, कुटकी और रागी जैसी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा करा सकते हैं। इस योजना का लाभ भू-धारक किसानों के साथ-साथ बटाईदार किसान भी ले सकते हैं।
फसलवार निर्धारित किया गया प्रीमियम
खरीफ 2026 के लिए किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है। इसमें धान सिंचित के लिए 1320 रुपये, धान असिंचित के लिए 990 रुपये, मक्का के लिए 1056 रुपये, सोयाबीन के लिए 1100 रुपये और मूंगफली के लिए 924 रुपये प्रीमियम तय किया गया है। वहीं अरहर के लिए 880 रुपये, उड़द के लिए 660 रुपये, मूंग के लिए 638 रुपये, कोदो और कुटकी के लिए 484-484 रुपये तथा रागी के लिए 550 रुपये प्रीमियम राशि निर्धारित है।
बीमा के लिए जरूरी दस्तावेज
फसल बीमा कराने के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, ऋण पुस्तिका (ऋणी किसानों के लिए), स्वघोषणा पत्र या बुवाई प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। किसान अपनी सहकारी समिति, संबंधित बैंक, भारतीय कृषि बीमा कंपनी और लोक सेवा केंद्र के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे 14 अगस्त 2026 से पहले अपनी खरीफ फसलों का बीमा जरूर कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फसल और आय को सुरक्षित रखा जा सके।



