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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सख्त समीक्षा बैठक…समाधान शिविरों से सुशासन को गति देने का स्पष्ट संदेश

Chief Minister Vishnudeo Sai's Rigorous Review Meeting: A Clear Message to Accelerate Good Governance Through 'Samadhan Shivirs'

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशासनिक तंत्र सकारात्मक दृष्टिकोण और प्रभावी प्रयासों के साथ कार्य करे, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सके और सुशासन की भावना धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे.

सुशासन तिहार के अंतर्गत व्यापक समीक्षा, चार जिलों पर केंद्रित चर्चा

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के तहत मंगलवार शाम कांकेर जिला पंचायत सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में चल रही योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की.बैठक में उन्होंने विभागवार क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, उत्तरदायी और परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए.

आवास, कृषि और धान खरीदी पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थियों को पक्का आवास समय पर उपलब्ध हो सके.उन्होंने धान खरीदी केंद्रों से धान उठाव की प्रक्रिया में तेजी लाने और स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया.कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. साथ ही किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा.

स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण पर जोर

मुख्यमंत्री ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए. उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, सिकल सेल जांच और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया.उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट निर्माण कार्य देने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और सभी पात्र महिलाओं तक महतारी वंदन योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया.

पेयजल, सड़क सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं पर निगरानी

मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए. उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रति जागरूकता अभियान चलाने तथा डायल 112 सेवा के व्यापक प्रचार पर भी बल दिया.बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केंद्र, ई-ऑफिस प्रणाली, जिला खनिज निधि कार्य, शिक्षा गुणवत्ता, सड़क अवसंरचना और कानून व्यवस्था जैसे विषयों की भी विस्तृत समीक्षा की.

दूरस्थ क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्य पालन की संभावनाओं को देखते हुए जल संरक्षण को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में जिला खनिज निधि के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया.इस बैठक में विधायक अंतागढ़ विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह सहित विभिन्न जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

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