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13 साल का इंतजार, फिर मिला ग्रैंड स्लैम का ताज, रोहन बोपन्ना ने सुनाई संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानी

A 13-year wait followed by the Grand Slam crown: Rohan Bopanna shares his inspiring story of struggle and success.

भारतीय टेनिस के दिग्गज रोहन बोपन्ना ने अपने पहले पुरुष युगल ग्रैंड स्लैम खिताब तक पहुंचने के लंबे सफर को याद करते हुए कहा कि सफलता उन्हें एक दिन में नहीं मिली। वर्षों तक लगातार मेहनत, धैर्य और खुद पर भरोसा रखने का ही नतीजा था कि आखिरकार उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपना सपना पूरा किया।

लंदन के ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब में 29 जून से शुरू होने वाले विंबलडन 2026 के मेन ड्रॉ से पहले जियोस्टार से बातचीत में बोपन्ना ने अपने करियर के कई यादगार पल साझा किए।

13 साल तक किया इंतजार, लेकिन हार नहीं मानी

रोहन बोपन्ना ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्हें लगा था कि एक बड़ी सफलता के बाद आगे का रास्ता आसान हो जाएगा। लेकिन पहला पुरुष युगल ग्रैंड स्लैम जीतने के लिए उन्हें 13 साल तक इंतजार करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने कभी मेहनत करना नहीं छोड़ा और हमेशा सही दिशा में काम करते रहे। उनके मुताबिक खेल में लंबे समय तक टिके रहने और प्रतिस्पर्धी बने रहने का यही सबसे बड़ा मंत्र है, क्योंकि हर समय नए खिलाड़ी आपकी जगह लेने की कोशिश करते रहते हैं।

ऑस्ट्रेलियन ओपन की जीत ने बदल दी कहानी

2017 में फ्रेंच ओपन का मिक्स्ड डबल्स खिताब जीतने के बाद बोपन्ना को अगले बड़े खिताब के लिए सात साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। आखिरकार उन्होंने अपने जोड़ीदार मैथ्यू एबडेन के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष युगल का खिताब जीतकर अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

आइडल स्टीफन एडबर्ग की सलाह बनी सफलता का मंत्र

बोपन्ना ने बताया कि उनके आदर्श और दो बार के विंबलडन चैंपियन स्टीफन एडबर्ग ने उन्हें एक ऐसी सलाह दी, जिसने पूरे करियर में उनका मार्गदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि एडबर्ग ने उन्हें समझाया था कि दूसरे खिलाड़ी क्या कर रहे हैं, इस पर ध्यान देने के बजाय अपनी ताकत को पहचानो और उसी पर लगातार काम करो। सिर्फ इसलिए अपनी रणनीति मत बदलो क्योंकि कोई दूसरा खिलाड़ी वैसा कर रहा है। बोपन्ना ने बताया कि उन्होंने इस सीख को हमेशा अपने खेल का हिस्सा बनाए रखा।

रिकॉर्ड बनाने वाले सबसे उम्रदराज ग्रैंड स्लैम विजेता

46 वर्षीय रोहन बोपन्ना टेनिस इतिहास में पुरुष युगल ग्रैंड स्लैम जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। इसके अलावा वह दुनिया के सबसे उम्रदराज नंबर एक डबल्स खिलाड़ी बनने का भी रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।

भारत का लंबे समय तक डेविस कप में प्रतिनिधित्व करने वाले बोपन्ना ने ओलंपिक में भी देश का गौरव बढ़ाया। रियो ओलंपिक 2016 में उन्होंने सानिया मिर्जा के साथ मिश्रित युगल में चौथा स्थान हासिल किया था।

विंबलडन 2026 पर रहेंगी निगाहें

29 जून से 12 जुलाई तक चलने वाले विंबलडन 2026 में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी खिताब के लिए मुकाबला करेंगे। कई बार सेमीफाइनल तक पहुंच चुके रोहन बोपन्ना का अनुभव और उनके संघर्ष की कहानी आज भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बनी हुई है।

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