बसना ब्लॉक में मौसम की मार: किसानों के खेतों में लग रही गंभीर बीमारी, कीटनाशक का छिड़काव बढ़ा, बढ़ी लागत

बसना (छत्तीसगढ़)। बसना ब्लॉक के किसानों के लिए इस साल का मौसम परेशानी का सबब बन गया है। पिछले कुछ महीनों से मौसम में हो रहे अप्रत्याशित बदलाव के कारण किसानों की खरीफ फसलों, विशेषकर धान, पर गंभीर बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं और उन्हें अपनी फसलों को बचाने के लिए सामान्य से कहीं अधिक कीटनाशकों का छिड़काव करना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत में भारी वृद्धि हुई है।

मौसम का मिजाज बना मुसीबत
स्थानीय किसानों के अनुसार, कभी अचानक भारी बारिश, तो कभी लंबे समय तक सूखा और फिर तापमान में उतार-चढ़ाव ने फसलों के लिए अनुकूल माहौल को बिगाड़ दिया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अनियमित मौसम के कारण फफूंदजनित (Fungal) और कीटजनित रोगों को पनपने का मौका मिल रहा है।
रोगों का बढ़ा प्रकोप
बसना ब्लॉक के कई गांवों से किसानों ने बताया कि धान की फसल में पत्ता लपेटक कीट, तना छेदक, माहू और ब्लास्ट रोग का प्रकोप तेजी से फैला है। इसके अलावा, कुछ क्षेत्रों में सोखा,झुलसा रोग की शिकायतें भी सामने आई हैं। इन बीमारियों के कारण धान के पौधे कमजोर हो रहे हैं और बालियों में दाने कम या ख़राब हो रहे हैं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है।

कीटनाशक पर निर्भरता बढ़ी
फसलों को बचाने के लिए किसान अब रासायनिक कीटनाशकों और फफूंदनाशकों (Fungicides) पर पूरी तरह निर्भर हो गए हैं। किसान रामलाल साहू ने बताया, “पहले एक या दो बार कीटनाशक का छिड़काव करना काफी होता था, लेकिन इस साल बीमारी इतनी फैल गई है कि तीन से चार बार छिड़काव करना पड़ रहा है। हर छिड़काव पर लगने वाली दवा और मजदूरी की लागत हजारों में है।” एक अन्य किसान सुरेश पटेल ने कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से न केवल आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि वे स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर भी चिंतित हैं।
सरकारी मदद की मांग
किसानों ने कृषि विभाग और प्रशासन से इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि कृषि विभाग की टीम गांवों का दौरा कर प्रभावित फसलों का निरीक्षण करे और उन्हें सही, कम लागत वाले तथा कारगर कीटनाशकों के बारे में जानकारी दे। साथ ही, कुछ किसानों ने महंगी दवाओं और बढ़ते खर्च को देखते हुए क्षतिपूर्ति या सब्सिडी की भी मांग की है।
बढ़ती लागत, घटता मुनाफा
अगर यही स्थिति बनी रही, तो एक तरफ किसानों की उपज कम होगी और दूसरी तरफ कीटनाशक के भारी खर्च से उनकी खेती की लागत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा और उनका मुनाफा लगभग खत्म हो जाएगा। बसना के किसान अब अच्छी फसल और सरकारी सहायता की आस लगाए हुए हैं।


