बारिश के मौसम में रहें सतर्क, जीएमसी जम्मू ने संक्रमण से बचाव के लिए दी अहम सलाह

जम्मू में आयोजित जूनियर असिस्टेंट भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही और धांधली का आरोप लगाया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद भी उन्हें OMR शीट उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। बताया जा रहा है कि इस समस्या के कारण करीब 70 अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए। नाराज अभ्यर्थियों ने प्रशासन और परीक्षा आयोजकों से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। , अब पकड़ा गया अभ्यर्थियों ने लगाए गंभीर आरोप प्रभावित छात्रों का आरोप है कि वे निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे थे और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की थीं। इसके बावजूद उन्हें उत्तर पुस्तिका यानी OMR शीट नहीं दी गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि— उन्होंने परीक्षा देने के लिए पूरी तैयारी की थी। समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे। परीक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं होने के कारण उनका सालों का प्रयास प्रभावित हुआ। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मिलने से कैसे प्रभावित हुई परीक्षा? प्रतियोगी परीक्षाओं में OMR शीट सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है, क्योंकि उम्मीदवार इसी पर अपने उत्तर दर्ज करते हैं। यदि किसी अभ्यर्थी को OMR शीट नहीं मिलती है तो वह परीक्षा प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकता। अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसी स्थिति परीक्षा प्रबंधन की बड़ी चूक को दर्शाती है। परीक्षा केंद्र पर क्या हुआ? जानकारी के अनुसार, कुछ परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को बैठने और परीक्षा सामग्री को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ छात्रों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो सका। जांच की मांग उठाई। प्रशासन और परीक्षा एजेंसी से जवाब की मांग अभ्यर्थियों ने मांग की है कि— पूरे मामले की जांच कराई जाए। परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी तय की जाए। प्रभावित छात्रों को दोबारा परीक्षा का मौका दिया जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर व्यवस्था की जाए। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा देशभर में भर्ती परीक्षाओं को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता हमेशा महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। किसी भी परीक्षा में तकनीकी या प्रशासनिक गलती से अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। बहाल करने की मांग पर दिल्ली में प्रदर्शन, उमर अब्दुल्ला होंगे शामिल विशेषज्ञों के अनुसार, परीक्षा संचालन में— प्रश्न पत्र और OMR शीट की पर्याप्त व्यवस्था। केंद्रों पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती। समय पर निगरानी। शिकायत निवारण व्यवस्था। बेहद जरूरी होती है। आगे क्या हो सकता है? यदि जांच में परीक्षा केंद्र या आयोजक स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो प्रशासन प्रभावित अभ्यर्थियों के हित में कदम उठा सकता है। इसमें दोबारा परीक्षा आयोजित करना या अन्य समाधान तलाशना शामिल हो सकता है

