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FIFA World Cup 2026: डेसचैम्प्स की मां को श्रद्धांजलि देने की फ्रांस की मांग ठुकराई, काली पट्टी पहनने की भी नहीं मिली अनुमति

FIFA World Cup 2026: France's request to pay tribute to Deschamps' mother rejected; permission to wear black armbands also denied.

FIFA वर्ल्ड कप 2026 के दौरान फ्रांस और FIFA के बीच एक भावनात्मक मुद्दे को लेकर विवाद सामने आया है। फ्रांसीसी फुटबॉल महासंघ की ओर से मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स की दिवंगत मां को श्रद्धांजलि देने के लिए खिलाड़ियों को काली पट्टी पहनने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन FIFA ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।

मां के निधन के कारण टीम से दूर रहे डेसचैम्प्स

फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स की मां का इस सप्ताह निधन हो गया था। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वह स्वदेश लौट गए, जिसके चलते नॉर्वे के खिलाफ ग्रुप I के अंतिम मुकाबले में टीम के साथ मौजूद नहीं रहे। उनकी गैरमौजूदगी में सहायक कोच गाय स्टीफन ने फ्रांस की जिम्मेदारी संभाली।

FIFA ने क्यों नहीं दी मंजूरी

फ्रांसीसी फुटबॉल महासंघ ने मैच से पहले एक मिनट का मौन रखने और खिलाड़ियों को काली पट्टी पहनने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। हालांकि FIFA ने इसे यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि मुकाबले से पहले वेनेजुएला में हाल ही में आए भूकंप के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम पहले से तय किया जा चुका है।

इसके बाद फ्रांस ने खिलाड़ियों को केवल काली पट्टी पहनने की अनुमति देने का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन FIFA ने इसे भी मंजूरी नहीं दी।

घोषणा के बाद बदलनी पड़ी योजना

इस फैसले से फ्रांसीसी फुटबॉल महासंघ असहज स्थिति में आ गया। महासंघ ने पहले ही डेसचैम्प्स की मां की स्मृति में एक मिनट का मौन रखने की घोषणा कर दी थी, लेकिन बाद में स्पष्ट करना पड़ा कि FIFA के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण ऐसा संभव नहीं हो सकेगा।

भावनात्मक माहौल के बीच भी टीम का शानदार प्रदर्शन

कोच की अनुपस्थिति के बावजूद फ्रांस ने मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा। टीम पहले ही नॉकआउट चरण के लिए क्वालिफाई कर चुकी थी और नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में भी दमदार खेल दिखाया। इस मैच में ओस्मान डेम्बेले ने पहले हाफ में ऐतिहासिक हैट्रिक लगाकर फ्रांस को शानदार बढ़त दिलाई और टीम की जीत की नींव मजबूत की।

फैसले को लेकर छिड़ी चर्चा

FIFA के इस निर्णय के बाद खेल जगत में बहस शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि व्यक्तिगत शोक के ऐसे अवसर पर खिलाड़ियों को काली पट्टी पहनने की अनुमति दी जानी चाहिए थी, जबकि FIFA ने अपने पूर्व निर्धारित प्रोटोकॉल और आधिकारिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम को प्राथमिकता दी।

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