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परांजपे का बड़ा दावा: सूर्यांश शेडगे में 10 साल तक भारत के लिए खेलने का दम, डेब्यू को बताया सुनहरा मौका

नई दिल्ली। भारत के पूर्व क्रिकेटर और पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता जतिन परांजपे ने युवा सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को भारतीय क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य बताया है। उनका मानना है कि शेडगे में अगले 10 वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की क्षमता और मानसिक मजबूती मौजूद है। हाल ही में उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए पहली बार भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है।

नीतीश रेड्डी की जगह मिला मौका

सूर्यांश शेडगे को चोटिल नीतीश कुमार रेड्डी की जगह टीम में शामिल किया गया है। नीतीश को बाएं पैर की जांघ की मांसपेशी में चोट लगने के कारण टीम से बाहर होना पड़ा। वहीं हार्दिक पांड्या भी हल्की चोट से जूझ रहे हैं। ऐसे में भारतीय टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर अब इस युवा ऑलराउंडर के प्रदर्शन पर रहेगी।

‘इंटरनेशनल क्रिकेट में जल्द ढल जाएंगे’

परांजपे ने कहा कि सूर्यांश स्वाभाविक रूप से टी20 क्रिकेट के खिलाड़ी हैं। शुरुआती कुछ मुकाबलों में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की गति और दबाव को समझने में समय लग सकता है, लेकिन इसके बाद वह अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि शेडगे में लंबे समय तक भारतीय टीम का अहम हिस्सा बने रहने की क्षमता है।

आईपीएल और इंडिया-ए में शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम

सूर्यांश शेडगे ने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने सात पारियों में 39.50 की औसत और 175.55 के स्ट्राइक रेट से 158 रन बनाए।

इसके बाद श्रीलंका में आयोजित इंडिया-ए की ट्राई सीरीज में भी उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावित किया। पांच पारियों में 147 रन बनाने के अलावा उन्होंने 23 ओवर गेंदबाजी भी की, जिसके बाद राष्ट्रीय टीम में उनकी जगह लगभग तय मानी जाने लगी।

इंग्लैंड और आयरलैंड की परिस्थितियां होंगी मददगार

पिछले दो वर्षों से सूर्यांश के साथ काम कर रहे जतिन परांजपे का मानना है कि इंग्लैंड और आयरलैंड की परिस्थितियां उनके खेल के लिए बेहद अनुकूल हैं।

उन्होंने कहा कि वहां की पिचों पर गेंद को अतिरिक्त स्विंग और सीम मूवमेंट मिलती है, जिससे उनकी मीडियम पेस गेंदबाजी को फायदा मिलेगा। साथ ही बल्लेबाजी के लिए भी ये परिस्थितियां उनके खेल के अनुरूप हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत के लिए इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता।

तकनीक से ज्यादा मानसिक मजबूती पर किया काम

परांजपे ने बताया कि कोचिंग के दौरान उनका मुख्य उद्देश्य सूर्यांश के खेल में बड़े बदलाव करना नहीं था, बल्कि उनकी छोटी-छोटी कमजोरियों को दूर करना था।

उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी की तकनीकी बारीकियों के साथ-साथ मानसिक तैयारी पर विशेष काम किया। उनके अनुसार, बड़े खिलाड़ी खेल को हमेशा सरल रखते हैं और इसी सोच को उन्होंने सूर्यांश में विकसित करने की कोशिश की।

‘खुद पर भरोसा रखना सबसे बड़ी ताकत’

पूर्व चयनकर्ता ने कहा कि युवा खिलाड़ियों के लिए आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के अनुभव सूर्यांश के साथ साझा किए और उन्हें हर परिस्थिति में खुद पर विश्वास बनाए रखने की सलाह दी।

परांजपे के मुताबिक, आईपीएल और इंडिया-ए में मिले शानदार प्रदर्शन ने सूर्यांश के आत्मविश्वास को और मजबूत किया है, जिसका फायदा उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी मिलेगा।

शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर के नेतृत्व पर जताया भरोसा

उन्होंने यह भी कहा कि यदि सूर्यांश को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है तो युवा कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ी उनका पूरा समर्थन करेंगे। परांजपे का मानना है कि युवा कप्तान नए खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति को बेहतर तरीके से समझते हैं और उन्हें सहज माहौल देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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