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Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की सुस्त चाल ने बढ़ाई किसानों की चिंता, 73 फीसदी कम बारिश से खेती पर संकट

Monsoon Update: Sluggish monsoon progress in Chhattisgarh raises farmers' concerns; 73% rainfall deficit puts agriculture at risk.

छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून उम्मीद के मुताबिक रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से काफी कम बारिश होने के कारण खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित होने लगी हैं। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने से किसान बुआई शुरू करने को लेकर असमंजस में हैं और अब उनकी उम्मीदें मानसून के अगले दौर की बारिश पर टिकी हैं।

अब तक 73 फीसदी कम दर्ज हुई वर्षा

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 117.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक वर्षा केवल 43.2 मिमी ही दर्ज की गई है। यानी अब तक करीब 73 फीसदी बारिश की कमी बनी हुई है। कम वर्षा के कारण खेती के साथ-साथ जल स्रोतों पर भी दबाव बढ़ने लगा है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा दिख रहा असर

रायपुर : राजधानी रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव और बालोद समेत कई जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसका सीधा असर धान सहित खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ रहा है। पर्याप्त नमी नहीं मिलने से किसान खेतों में काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं, जिससे कृषि गतिविधियां धीमी हो गई हैं।

जलाशयों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी बढ़ा खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो जलाशयों का जलस्तर भी प्रभावित हो सकता है। इससे सिंचाई व्यवस्था पर असर पड़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ कृषि आधारित रोजगार भी प्रभावित हो सकते हैं।

मौसम विभाग ने दी राहत की उम्मीद

हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। इसके चलते प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो किसानों को राहत मिलेगी और खरीफ फसलों की बुआई समय पर पूरी करने में मदद मिलेगी।

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