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राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे पर सियासी हलचल तेज, 41 जिलाध्यक्षों को देंगे नई जिम्मेदारियां

Political activity intensifies ahead of Rahul Gandhi's visit to Chhattisgarh; he will assign new responsibilities to 41 district presidents.

रायपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस संगठन को नई मजबूती देना और हाल ही में नियुक्त 41 जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ रणनीतिक बैठक करना है। अभनपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय बनाने की योजना पर चर्चा करेंगे। साथ ही जिला अध्यक्षों को लक्ष्य आधारित जिम्मेदारियां सौंपने के साथ संगठन को मजबूत करने के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी देंगे।

10 दिन के प्रशिक्षण शिविर में संगठन को मिलेगा नया रोडमैप

अभनपुर में 20 जून से 29 जून तक कांग्रेस का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इसमें प्रदेशभर से आए जिला अध्यक्षों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राहुल गांधी इस कार्यक्रम में शामिल होकर जिला अध्यक्षों को टारगेट शीट सौंपेंगे और आगामी राजनीतिक अभियानों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्स देंगे। माना जा रहा है कि आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को अधिक सक्रिय बनाने पर जोर रहेगा।

करीब तीन साल बाद छत्तीसगढ़ पहुंचे राहुल गांधी

राहुल गांधी इससे पहले सितंबर 2023 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ आए थे। लगभग तीन साल बाद हो रहे इस दौरे को कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है। पार्टी इसे संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के अभियान के रूप में देख रही है।

भाजपा ने दौरे को लेकर कांग्रेस पर बोला हमला

राहुल गांधी के दौरे से पहले प्रदेश की सियासत भी गर्म हो गई है। मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर शराब घोटाले का आरोप लगाते हुए तीखा बयान दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपने शीर्ष नेता का स्वागत शराब से पैर धोकर करना चाहिए।

इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी राहुल गांधी पर कटाक्ष किया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ का दौरा करते रहना चाहिए, इससे प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।

संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी

राहुल गांधी के इस दौरे का पूरा फोकस संगठनात्मक गतिविधियों पर रहेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वे जिला अध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि कांग्रेस आगामी चुनावी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है।

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