Big breakingTreanding

भारतीय होने पर गर्व… अनुपम खेर ने स्टीरियोटाइप पर किया करारा प्रहार, बोले- हमारी पहचान को गलत समझा जाता है

Proud to be Indian... Anupam Kher delivers a scathing critique of stereotypes, says our identity is misunderstood.

मुंबई। अभिनेता अनुपम खेर ने भारत और भारतीयों को लेकर दुनिया में फैली रूढ़िवादी धारणाओं पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि भारतीयों के बारे में कई ऐसी धारणाएं बनाई जाती हैं, जो वास्तविकता से काफी अलग हैं। अपने संदेश में उन्होंने भारत की संस्कृति, सभ्यता, उपलब्धियों और वैश्विक योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि भारतीय होने का अर्थ केवल कुछ तयशुदा धारणाओं तक सीमित नहीं है।

‘सिविक सेंस’ को लेकर दोहरे मापदंड पर उठाए सवाल

वीडियो में अनुपम खेर ने कहा कि अक्सर भारतीयों पर नागरिक शिष्टाचार की कमी का आरोप लगाया जाता है, जबकि दूसरे देशों में भी बड़े आयोजनों के बाद हिंसा, तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई भारतीय विदेश यात्रा की खुशी में उत्साह जताता है, तो उसे तुरंत खराब व्यवहार का उदाहरण बना दिया जाता है।

‘मेहनत करते हैं, फिर भी नौकरी छीनने का आरोप लगता है’

अनुपम खेर ने रोजगार को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारतीय पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं, वीजा प्रक्रिया और कड़ी मेहनत के दम पर विदेशों में अपनी जगह बनाते हैं। इसके बावजूद उन पर नौकरियां छीनने जैसे आरोप लगाए जाते हैं, जबकि कई बड़ी कंपनियां खुद अपने व्यावसायिक हितों के लिए उद्योगों और निवेश को दूसरे देशों में स्थानांतरित करती हैं।

‘हर क्षेत्र में योगदान के बावजूद हमारी मौजूदगी पर सवाल’

उन्होंने कहा कि भारतीय दुनिया भर में तकनीक, चिकित्सा, शिक्षा, परिवहन और व्यापार जैसे अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद कई बार उनकी बढ़ती मौजूदगी को नकारात्मक नजरिए से देखा जाता है, जबकि उनका योगदान वैश्विक विकास में लगातार बढ़ रहा है।

जश्न, संस्कृति और परंपराओं पर भी रखी राय

अभिनेता ने कहा कि भारतीय जब शादी, त्योहार या किसी उपलब्धि का उत्सव मनाते हैं, तो उसे शोर-शराबे से जोड़कर देखा जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपराएं, सामाजिक उत्सव और सांस्कृतिक विविधता उसकी पहचान हैं, जिन्हें गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

‘भारत की सभ्यता ने दुनिया को बहुत कुछ दिया’

संस्कृति का उल्लेख करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि भारत उस प्राचीन सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता है जिसने दुनिया को योग, गणित, दर्शन, ध्यान और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ जैसे विचार दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय अनेक भाषाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के वाहक हैं, इसलिए यह कहना कि भारत की कोई संस्कृति नहीं है, वास्तविकता से परे है।

सोशल मीडिया पर साझा किया भावुक संदेश

वीडियो साझा करते हुए अनुपम खेर ने लिखा कि कुछ दिन पहले उन्हें व्हाट्सऐप पर एक संदेश मिला, जिसे पढ़कर उन्हें महसूस हुआ कि पश्चिमी देशों में भारत को लेकर कई गलत धारणाएं आज भी मौजूद हैं। इसी भावना ने उन्हें यह वीडियो बनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने लिखा कि यह वीडियो किसी को कुछ साबित करने के लिए नहीं, बल्कि भारतीय होने की भावना का सम्मान करने के लिए बनाया गया है। भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां अलग-अलग परंपराएं, विचार और संस्कृतियां होने के बावजूद लोग एक अदृश्य भावनात्मक सूत्र से जुड़े हुए हैं।

‘भारतीय होने का गर्व महसूस कीजिए’

पोस्ट के अंत में अनुपम खेर ने लोगों से अपील की कि वे इस वीडियो को देखें, उस पर विचार करें और भारतीय होने पर गर्व महसूस करें। उनके अनुसार, भारत की असली ताकत उसकी विविधता, मानवीय संवेदनाएं, सांस्कृतिक समृद्धि और विश्व को दिए गए योगदान में निहित है।

Back to top button
ताज़ा खबरें