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चारकोट फुट: बिना दर्द के पैर की हड्डियों को अंदर से तोड़ देने वाली खतरनाक बीमारी, डायबिटीज मरीजों के लिए बड़ा खतरा

जब पैरों की नसें सुन्न हो जाती हैं और दर्द का एहसास करने वाला शरीर का प्राकृतिक अलार्म सिस्टम काम करना बंद कर देता है, तब एक गंभीर स्थिति जन्म ले सकती है जिसे चारकोट फुट कहा जाता है। यह बीमारी धीरे-धीरे पैरों की हड्डियों, जोड़ों और टिश्यू को नुकसान पहुंचाती है, और कई बार मरीज को शुरुआत में इसका एहसास भी नहीं होता।

चारकोट फुट क्या होता है और क्यों होता है

ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञों के अनुसार चारकोट फुट एक ऐसी गंभीर स्थिति है जो पैर और टखने की हड्डियों और जोड़ों को प्रभावित करती है। यह ज्यादातर डायबिटीज के उन मरीजों में देखा जाता है जिनकी नसें लंबे समय से डैमेज हो चुकी होती हैं, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है।इस स्थिति में मरीज को दर्द महसूस नहीं होता, भले ही पैर में चोट या फ्रैक्चर हो चुका हो। ऐसे में व्यक्ति अनजाने में घायल पैर पर चलते रहता है, जिससे हड्डियों पर लगातार दबाव पड़ता है और स्थिति बिगड़ती जाती है।

शुरुआती लक्षण जो नजरअंदाज नहीं करने चाहिए

चारकोट फुट की शुरुआत अक्सर बेहद हल्के संकेतों से होती है, जिन्हें लोग सामान्य सूजन या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। शुरुआती लक्षणों में एक पैर या टखने में बिना चोट के सूजन आना शामिल है।इसके अलावा प्रभावित पैर का गर्म महसूस होना और त्वचा का लाल दिखना भी शुरुआती संकेत हो सकते हैं। कई मामलों में दर्द कम या बिल्कुल नहीं होता, जो इसे और ज्यादा खतरनाक बना देता है।

अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो क्या होता है

समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। धीरे-धीरे हड्डियां कमजोर होकर फ्रैक्चर या डिसलोकेशन का कारण बन सकती हैं। पैर का आकार बदल सकता है और वह टेढ़ा भी हो सकता है।इसके साथ ही अल्सर, संक्रमण और चलने में गंभीर परेशानी जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं, जो मरीज की जीवनशैली को पूरी तरह प्रभावित कर देती हैं।

डायबिटीज मरीजों के लिए खास चेतावनी

डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटीज मरीजों को पैरों में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। शुरुआती पहचान और तुरंत इलाज इस बीमारी को गंभीर होने से रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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