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तेंदुए का आतंक, रात में दो घरों में घुसकर किया हमला, बुजुर्ग महिला समेत दो ग्रामीण घायल

Leopard terror: Animal enters two homes at night and attacks; two villagers, including an elderly woman, injured.

 धमतरी: दुधावा वन चौकी क्षेत्र स्थित ग्राम गट्टागुडूम में तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीती रात तेंदुए ने अलग-अलग दो घरों में घुसकर हमला कर दिया, जिसमें एक बुजुर्ग महिला और एक ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है और लोग शाम होते ही घरों में रहने को मजबूर हैं।

घर के भीतर घुसकर बुजुर्ग महिला पर किया हमला

जानकारी के अनुसार, गांव में पिछले कई दिनों से तेंदुए की मौजूदगी देखी जा रही थी। मंगलवार देर रात 65 वर्षीय बुधन बाई उईके अपने घर में मौजूद थीं, तभी अचानक तेंदुआ घर के अंदर घुस आया। उसने महिला के सिर पर पंजे से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। परिवार के लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग निकला।

दूसरे घर में भी बोला हमला, ग्रामीण के हाथ में आई चोट

पहली घटना के कुछ समय बाद तेंदुआ गांव के ही 57 वर्षीय धनेश कुंजाम के घर पहुंच गया। उस समय धनेश घर में आराम कर रहे थे। अचानक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई। आसपास मौजूद लोगों के पहुंचने पर तेंदुआ वहां से भी भाग गया।

अस्पताल में चल रहा इलाज, गांव में दहशत का माहौल

दोनों घायलों को परिजन और ग्रामीण तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद गांव के लोगों में डर का माहौल है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं, जबकि किसान भी खेतों और जंगल की ओर जाने से बच रहे हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं तेंदुए के हमले

ग्रामीणों का कहना है कि दुधावा और आसपास के वन क्षेत्रों में तेंदुए की गतिविधियां पहले भी कई बार देखी जा चुकी हैं। बीते वर्षों में भी तेंदुए के हमलों में कई लोग घायल हुए थे, लेकिन अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।

वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने की उठाई मांग

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। वन अमले ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजने और जंगल की ओर अकेले जाने से बचने की अपील की है। साथ ही इलाके में गश्त भी बढ़ा दी गई है।

ग्रामीणों ने सरपंच जागेश्वर नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वन विभाग से गांव में तत्काल पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

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