बढ़ती उम्र में हड्डियों को कैसे रखें मजबूत? जानिए जोड़ों के दर्द और फ्रैक्चर से बचाव के आसान उपाय
How to keep bones strong as you age? Discover simple ways to prevent joint pain and fractures.

जैसे-जैसे आयु बढ़ती है, शरीर की हड्डियों का घनत्व धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसका असर विशेष रूप से महिलाओं में अधिक देखा जाता है। हड्डियां कमजोर होने पर ऑस्टियोपोरोसिस, जोड़ों में दर्द और मामूली चोट में भी फ्रैक्चर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते सही खानपान और स्वस्थ दिनचर्या अपनाना बेहद आवश्यक हो जाता है।
कैल्शियम युक्त आहार को बनाएं रोजमर्रा का हिस्सा
हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। दूध, दही, पनीर, तिल और बादाम जैसे खाद्य पदार्थ कैल्शियम के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। नियमित रूप से इनका सेवन करने से हड्डियों को आवश्यक पोषण मिलता है और कमजोरी की आशंका कम होती है।
विटामिन डी के बिना अधूरी है हड्डियों की सुरक्षा
कैल्शियम का पूरा लाभ तभी मिलता है जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मौजूद हो। प्रतिदिन सुबह कुछ समय धूप में बिताना इसका सबसे सरल उपाय है। इसके अलावा मशरूम, अंडे की जर्दी और विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ भी लाभकारी साबित हो सकते हैं।
रोजाना व्यायाम से बढ़ती है हड्डियों की ताकत
नियमित शारीरिक गतिविधियां हड्डियों और जोड़ों को सक्रिय बनाए रखने में मदद करती हैं। तेज चाल से चलना, योग, खिंचाव वाले अभ्यास और हल्के भार का प्रशिक्षण हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। विशेषज्ञ प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करने की सलाह देते हैं।
प्रोटीन भी है बेहद जरूरी
हड्डियों के विकास और उनकी मरम्मत के लिए प्रोटीन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। दालें, सोयाबीन, अंडे और विभिन्न प्रकार के मेवे प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। संतुलित मात्रा में प्रोटीन का सेवन हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में सहायक होता है।
चाय, कॉफी और मदिरा का सीमित करें सेवन
अत्यधिक मात्रा में कैफीन और मदिरा का सेवन शरीर में कैल्शियम के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इनका सेवन नियंत्रित मात्रा में करना चाहिए। यह आदत लंबे समय में हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है।
धूम्रपान हड्डियों का बड़ा दुश्मन
तंबाकू और सिगरेट में मौजूद हानिकारक तत्व हड्डियों की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। लगातार धूम्रपान करने वालों में हड्डियों के कमजोर होने और फ्रैक्चर का खतरा अधिक पाया जाता है। इसलिए इस आदत से दूरी बनाना जरूरी है।
अच्छी नींद और तनावमुक्त जीवन भी है जरूरी
पर्याप्त नींद और मानसिक संतुलन शरीर के हार्मोन को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। ध्यान, प्राणायाम और अन्य शिथिलीकरण अभ्यास तनाव कम करने के साथ-साथ हड्डियों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
समय-समय पर कराएं जांच
40 वर्ष की आयु के बाद हड्डियों की नियमित जांच करवाना फायदेमंद माना जाता है। यदि शरीर में कैल्शियम या विटामिन डी की कमी पाई जाए तो चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरक आहार लिया जा सकता है।


