
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, ऑनलाइन सेवाएं ठप
बसना/महासमुंद। देश जहां 5G सेवाओं का तेजी से विस्तार कर रहा है और 6G तकनीक की तैयारी में जुटा है, वहीं महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम ढालम के ग्रामीण आज भी मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि गांव से महज एक किलोमीटर की दूरी पर मोबाइल टावर स्थापित होने के बावजूद अधिकांश क्षेत्र में मोबाइल रेंज नहीं पहुंच रही है। कॉल बार-बार कट जाती है, इंटरनेट नहीं चलता और कई स्थानों पर फोन पूरी तरह “नो नेटवर्क” दिखाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि डिजिटल युग में भी उन्हें संचार जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। सरकार डिजिटल इंडिया, ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन ढालम में नेटवर्क की बदहाल स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है।
सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों को उठानी पड़ रही है। ऑनलाइन पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन, शैक्षणिक सामग्री डाउनलोड करने और अन्य डिजिटल कार्यों के लिए छात्रों को गांव से बाहर जाना पड़ता है। कई बार कमजोर नेटवर्क के कारण महत्वपूर्ण फॉर्म भरने और पढ़ाई से जुड़े कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते।
नेटवर्क की समस्या का असर केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। बैंकिंग सेवाएं, ऑनलाइन भुगतान, आधार सत्यापन, सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य और रोजमर्रा के डिजिटल लेनदेन भी प्रभावित हो रहे हैं। कई बार लोगों को सिर्फ एक कॉल करने या इंटरनेट चलाने के लिए गांव के अलग-अलग स्थानों पर भटकना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब टावर गांव से केवल एक किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है, तब भी ढालम में रेंज नहीं मिलना दूरसंचार कंपनियों की सेवा गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। यदि टावर होने के बावजूद लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है तो इसका स्थायी समाधान निकालना संबंधित कंपनी और विभाग की जिम्मेदारी है।
आज के दौर में मोबाइल नेटवर्क कोई विलासिता नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं से जुड़ने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में ढालम जैसे गांव को बेहतर नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।


