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रेत माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, कोरबा में 7 ट्रैक्टर जब्त; बिना रॉयल्टी और दस्तावेजों के हो रहा था परिवहन

Administration cracks down on sand mafia; 7 tractors seized in Korba; transport was taking place without royalty or documents.

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात ट्रैक्टर जब्त किए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कारोबार में जुड़े लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध दस्तावेज, रॉयल्टी और आवश्यक अनुमति के खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

दो रेत घाटों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह जिला प्रशासन की टीम ने बरपाली क्षेत्र के चिचोली रेत घाट और भैंसामुड़ा रेत घाट में छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान चिचोली रेत घाट से चार और भैंसामुड़ा रेत घाट से तीन ट्रैक्टर जब्त किए गए।

अधिकारियों ने पाया कि कई वाहन बिना रॉयल्टी पर्ची, बिना नंबर और आवश्यक दस्तावेजों के रेत परिवहन में लगे हुए थे।

दस्तावेज नहीं मिलने पर जब्त किए गए वाहन

प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि कुछ वाहन संचालकों के पास लाइसेंस और वाहन संबंधी जरूरी कागजात भी उपलब्ध नहीं थे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सभी सात ट्रैक्टरों को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

राजस्व अमले की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

इस अभियान में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और कोटवार सहित प्रशासनिक अमला शामिल रहा। अधिकारियों ने रेत घाटों का निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों की जानकारी जुटाई और मौके पर ही कार्रवाई की।

धमतरी में भी अवैध खनन पर चला प्रशासन का डंडा

इधर धमतरी जिले में भी प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। जांच के दौरान महानदी के बीच भारी मशीनों से खनन कार्य किए जाने की जानकारी मिली। अधिकारियों के मौके पर पहुंचते ही खनन क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मशीन संचालक नहीं दिखा सके वैध अनुमति

प्रशासनिक टीम ने मशीन संचालकों से खनन की अनुमति और संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन मौके पर कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी और नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

अवैध खनन पर लगातार नजर

प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जिन क्षेत्रों से अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही हैं, वहां नियमित निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी। इससे राजस्व नुकसान रोकने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

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