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200 एकड़ जमीन घोटाले का पर्दाफाश, फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की संपत्ति हड़पने की कोशिश में 4 गिरफ्तार

200-Acre Land Scam Exposed: 4 Arrested for Attempting to Usurp Multi-Crore Property Using Forged Documents

 अभनपुर : जमीन से जुड़े एक बड़े कथित घोटाले का खुलासा हुआ है। ग्राम थनौद की करीब 200 एकड़ मूल्यवान भूमि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने नाम कराने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि पूरी साजिश सुनियोजित तरीके से रची गई थी, जिसमें जाली पहचान, फर्जी हस्ताक्षर और नकली अंगूठा निशानी का इस्तेमाल किया गया।

भूमि मालिक की पहचान बदलकर तैयार किए गए दस्तावेज

पुलिस के अनुसार गोबरा नवापारा तहसील के ग्राम थनौद स्थित कई खसरों की जमीन राजस्व अभिलेखों में केशव अवस्थी के नाम दर्ज है। आरोप है कि वर्ष 2023 के दौरान मिर्जा परवेज और उसके सहयोगियों ने इस जमीन पर कब्जा जमाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया।

जांच में पता चला कि वास्तविक जमीन मालिक की जगह किसी अन्य व्यक्ति को प्रस्तुत कर उसके माध्यम से दस्तावेज तैयार कराए गए। फर्जी फोटो, कूटरचित हस्ताक्षर और नकली अंगूठा निशानी के आधार पर मुख्तियारनामा बनवाया गया, जिसके बाद उसी दस्तावेज का उपयोग कर जमीन का पंजीयन कराया गया।

एक दिन साथी के नाम, दूसरे दिन खुद के नाम कराई रजिस्ट्री

पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि 19 अक्टूबर 2023 को जमीन के एक हिस्से का पंजीयन अब्दुल नईम के नाम कराया गया था। इसके अगले ही दिन 20 अक्टूबर को मिर्जा परवेज ने अपने नाम पर भी रजिस्ट्री कराई। दोनों मामलों में दस्तावेजों की वैधता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

आधार कार्ड समेत अहम सबूत पुलिस के हाथ लगे

प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और मुख्तियारनामा तैयार करने में इस्तेमाल किए गए आधार कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

इन चार आरोपियों पर कसा शिकंजा

मामले में वसीम हुसैन, मोहम्मद खलील, अब्दुल नईम और मिर्जा परवेज को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी, जांच अभी जारी

गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। जमीन से जुड़े इस कथित फर्जीवाड़े में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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