आपातकाल वाले अध्याय पर बवाल, जयवर्धन सिंह बोले- बच्चों की पढ़ाई में राजनीति नहीं होनी चाहिए
Uproar over the chapter on the Emergency; Jaivardhan Singh says politics should not be brought into children's education.

रायपुर। कक्षा 9वीं की NCERT किताब में आपातकाल (Emergency) का अध्याय शामिल किए जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा बच्चों की किताबों तक में राजनीति ले आई है, जबकि कांग्रेस ने कभी छात्रों के भविष्य को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया।
रायपुर पहुंचे जयवर्धन सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस राजनीति जरूर करती है, लेकिन बच्चों की शिक्षा और भविष्य को इससे अलग रखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब शिक्षा के माध्यम से भी राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है।
नीट और शिक्षा व्यवस्था पर भी साधा निशाना
जयवर्धन सिंह बिलासपुर में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत आयोजित प्रेस वार्ता में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने NEET Exam और National Testing Agency (NTA) को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि देश में पहली बार मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर इतने बड़े विवाद सामने आए हैं। उनका आरोप था कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में IIT, IIM और AIIMS जैसी संस्थाओं की स्थापना हुई, जबकि मौजूदा दौर में परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं।
सचिन पायलट ने भी उठाए सवाल
वहीं, छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने भी NCERT की नई किताब पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इतिहास को देखने और समझने के अलग-अलग नजरिए हो सकते हैं, लेकिन किसी भी सरकार को उसे अपने राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।
पायलट ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी संस्थाएं होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपने राजनीतिक हितों के लिए संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग कर रही है। साथ ही कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इतिहास और शिक्षा को निष्पक्ष रखना जरूरी है।
NCERT की नई किताब में आपातकाल, जयप्रकाश नारायण आंदोलन और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े अध्याय शामिल किए गए हैं, जिस पर अब राजनीतिक बहस तेज होती नजर आ रही है।

