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राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले सियासी बयानबाजी तेज, सीएम साय और भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर साधा निशाना

Political rhetoric intensifies ahead of Rahul Gandhi's visit to Chhattisgarh; CM Sai and BJP leaders target the Congress.

रायपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रविवार को होने वाले छत्तीसगढ़ दौरे से पहले प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। राहुल गांधी रायपुर पहुंचकर कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे और संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे। उनके दौरे से पहले भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले शुरू कर दिए हैं।

सीएम विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी के दौरे पर कसा तंज

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की जनता अच्छी तरह जानती है कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां पार्टी का क्या परिणाम होता है। मुख्यमंत्री का दावा था कि जनता लगातार कांग्रेस से दूरी बना रही है और पार्टी का जनाधार लगातार कमजोर होता जा रहा है।

डोम विवाद पर कांग्रेस को दिया जवाब

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन में लगाए गए डोम को लेकर लगाए जा रहे कथित आरोपों पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने से पहले कांग्रेस नेताओं को अपने कार्यकाल पर नजर डालनी चाहिए। सीएम साय ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान प्रदेश में कई घोटालों के आरोप लगे और राज्य को नुकसान पहुंचाने का काम हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसी कारण कुछ लोग जेल में हैं, कुछ जमानत पर बाहर हैं और कुछ के खिलाफ जांच जारी है।

भाजपा विधायक सुनील सोनी ने भी कांग्रेस पर बोला हमला

भाजपा विधायक सुनील सोनी ने भी राहुल गांधी के दौरे और कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने से कांग्रेस की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आने वाला। उनके अनुसार पार्टी लंबे समय से आंतरिक खींचतान और विभिन्न विवादों से जूझ रही है।

संगठन मजबूत करने के उद्देश्य से राहुल गांधी का दौरा

राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। रायपुर में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में वे जिला अध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।

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