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रहस्यमयी मौतों से दहला बलौदाबाजार का गांव! कब्र से निकाले जा रहे शव, जहरीली शराब या साजिशन हत्या? जांच में जुटी पुलिस

Baloda Bazar village shaken by mysterious deaths! Bodies being exhumed—poisonous liquor or calculated murder? Police investigating.

बलौदाबाजार। जिले के खर्वे गांव में शराब पीने के बाद हुई लगातार मौतों ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। अब इन मौतों के पीछे जहरीली शराब थी या फिर शराब में जहर मिलाकर सुनियोजित तरीके से हत्या की गई, इसकी सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन की मौजूदगी में मृत ग्रामीणों के शव कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

कब्र से निकाले जा रहे सात शव

मंगलवार को पुलिस, राजस्व विभाग और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम खर्वे गांव पहुंची। अधिकारियों की निगरानी में दफनाए गए सात शवों को कब्र से निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। शवों को बाहर निकालने के बाद चिकित्सकों की टीम विस्तृत पोस्टमार्टम करेगी, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

इस दौरान श्मशान घाट में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। गांव का लगभग पूरा जनसमुदाय जांच प्रक्रिया देखने पहुंचा, जबकि गांव की गलियां सुनसान नजर आईं।

ग्रामीणों ने जताई हत्या की आशंका

लगातार हो रही मौतों से चिंतित ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने शराब में जहर मिलाकर लोगों को पिलाया हो सकता है। इसी आशंका के आधार पर प्रशासन ने कब्र से शव निकालकर पुनः परीक्षण कराने का फैसला लिया।

इससे पहले बीते शनिवार को भी एक शव को कब्र से निकालकर जांच की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

14 मई की घटना के बाद बढ़ा संदेह

ग्रामीणों के मुताबिक 14 मई की घटना ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। बताया जा रहा है कि गांव का एक व्यक्ति शराब की बोतल लेकर स्थानीय दुकान पहुंचा था। कुछ देर बाद वही बोतल वापस उसे सौंप दी गई। बाद में उसने यह शराब कार्तिक मांझी को दी।

जैसे ही कार्तिक ने शराब के दो घूंट पिए, उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों को संदेह हुआ कि मामला केवल जहरीली शराब का नहीं, बल्कि शराब में जहर मिलाकर लोगों को निशाना बनाने का भी हो सकता है।

एक के बाद एक आठ मौतों से मचा हड़कंप

गांव में पिछले कुछ महीनों के दौरान शराब सेवन के बाद आठ लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में शामिल हैं—

  • बद्री पटेल – 6 फरवरी
  • बुटालू साहू – 20 फरवरी
  • बुधराम जायसवाल – 12 मार्च
  • छत्तूराम साहू – 20 मार्च
  • विनोद साहू – 31 मार्च
  • गजानंद मांझी – 28 अप्रैल
  • चैतूराम साहू – 29 अप्रैल
  • महेतरु साहू – 14 मई

इन लगातार मौतों ने ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

फोरेंसिक रिपोर्ट से खुलेगा राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, फोरेंसिक विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी हर पहलू की जांच कर रहे हैं। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतें जहरीली शराब के कारण हुईं या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है।

गांव में पसरा डर का माहौल

लगातार आठ मौतों के बाद गांव के लोग सहमे हुए हैं। पीड़ित परिवारों के साथ-साथ पूरे गांव में डर और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मौतों के रहस्य से पर्दा उठेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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