बार-बार गर्दन में दर्द को न करें नजरअंदाज, सर्वाइकल के हो सकते हैं ये 5 शुरुआती संकेत

लाइफस्टाइल। पहले सर्वाइकल की समस्या बढ़ती उम्र के लोगों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब खराब लाइफस्टाइल, लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, गलत पोस्चर में बैठने की आदत और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य दर्द जैसे लगते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। समय रहते पहचान और सही देखभाल से इस समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
1. गर्दन में लगातार दर्द और अकड़न
अगर गर्दन में लगातार दर्द बना रहता है या अकड़न महसूस होती है और आराम करने के बाद भी राहत नहीं मिलती, तो यह सर्वाइकल का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में लापरवाही करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।
2. कंधों और ऊपरी पीठ में फैलता दर्द
सर्वाइकल की समस्या बढ़ने पर दर्द केवल गर्दन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कंधों और ऊपरी पीठ तक फैल सकता है। धीरे-धीरे यह दर्द रोजमर्रा के कामों को भी प्रभावित करने लगता है।
3. बार-बार सिरदर्द और चक्कर आना
गर्दन की नसों पर दबाव बढ़ने से सिरदर्द, भारीपन या चक्कर आने जैसी परेशानी भी हो सकती है। यदि यह समस्या बार-बार हो रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
4. हाथों में झनझनाहट या कमजोरी
हाथों या उंगलियों में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी महसूस होना भी सर्वाइकल का संकेत हो सकता है। यह स्थिति नसों पर दबाव बढ़ने के कारण पैदा होती है और समय पर इलाज न मिलने पर परेशानी बढ़ सकती है।
5. लंबे समय तक बैठने पर बढ़ने लगता है दर्द
यदि मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करने के दौरान गर्दन और कंधों का दर्द बढ़ जाता है, तो यह भी सर्वाइकल की ओर इशारा कर सकता है। लगातार एक ही स्थिति में बैठे रहने से समस्या और गंभीर हो सकती है।
कैसे करें बचाव?
डॉक्टरों के अनुसार सही पोस्चर में बैठना, हर 30 से 45 मिनट के बाद छोटा ब्रेक लेना, हल्की स्ट्रेचिंग और नियमित व्यायाम करना सर्वाइकल से बचाव में काफी मददगार हो सकता है। साथ ही मोबाइल और लैपटॉप का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें और काम के दौरान गर्दन पर अनावश्यक दबाव न पड़ने दें।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यदि गर्दन का दर्द लगातार बना रहे, हाथों में कमजोरी बढ़ने लगे, झनझनाहट महसूस हो या सिरदर्द और चक्कर बार-बार आने लगें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। समय पर उपचार से समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।


