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पीएम पोषण योजना पर मुख्य सचिव सख्त, बच्चों को गरम भोजन और पौष्टिक आहार देने के दिए कड़े निर्देश

Chief Secretary takes a tough stance on the PM Poshan Yojana; issues strict directives to provide hot meals and nutritious food to children.

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के प्रभावी संचालन को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सह संचालन समिति की बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में कक्षा पहली से आठवीं तक के प्रत्येक विद्यार्थी को नियमित रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्कूलों में लगातार हो निगरानी, रसोई गैस की उपलब्धता रहे सुनिश्चित

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि योजना की केवल कागजी समीक्षा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग भी की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में भोजन तैयार करने के लिए रसोई गैस की नियमित उपलब्धता बनी रहे, ताकि बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।

सेंट्रल किचन मॉडल को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना और सेंट्रल किचन व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि शहरी क्षेत्रों और आसपास के सरकारी स्कूलों में सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन तैयार कर पहुंचाया जाए। उनका कहना था कि इससे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

महिला स्व-सहायता समूहों को खेती से जोड़ने की पहल

बैठक में योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि भोजन तैयार करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों को सब्जियों और मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इससे स्कूलों में बच्चों को ताजी और पौष्टिक हरी सब्जियां मिलेंगी, वहीं महिला समूहों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

56 हजार से अधिक स्कूलों के 29 लाख विद्यार्थियों को मिल रहा लाभ

प्रदेश में वर्तमान में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत 56 हजार से अधिक शासकीय स्कूलों में बच्चों को प्रतिदिन गरम भोजन और पूरक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का लाभ 29 लाख से अधिक विद्यार्थी उठा रहे हैं। वहीं भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी 86 हजार से ज्यादा रसोइयों के हाथों में है, जो रोजाना लाखों बच्चों तक पौष्टिक भोजन पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, नागरिक आपूर्ति निगम की संचालक इफ्फत आरा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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